Latest News


Showing posts with label sad sms. Show all posts
Showing posts with label sad sms. Show all posts

वो अक्सर मेरे चेहरे को


माँ के नाम शायरी 

वो अक्सर मेरे चेहरे को चूम लेती है 
जिनके मैं पैर छूने के भी काबिल नहीं

थक जाये तो दोनों हार जाते हैं


बहुत अजीब होता है कमबख्त इश्क का खेल
कोई एक भी थक जाये तो दोनों हार जाते हैं

लोग हैं सिर्फ दर्द लिखते हैं


वो शायर होते हैं जो शायरी लिखते हैं
हम तो बदनाम से लोग हैं सिर्फ दर्द लिखते हैं

तू है समां मैं तेरी परवानी हूँ


तेरे इश्क में दीवानी हूँ 
तू है समां मैं तेरी परवानी हूँ

जमाना याद रखेगा



कोई नहीं याद करता वफा करने वालो को यहाँ 
मेरी मानो बेवफा हो जाओं जमाना याद रखेगा

चलो कश्ती जहां तूफान आया है


सुना है आज समंदर को बड़ा गुमान आया है,
उधर ही ले चलो कश्ती जहां तूफान आया है।

मजबूरियों को मत कोसो


बदल जाओ वक्त के साथ
या फिर वक्त बदलना सीखो
मजबूरियों को मत कोसो
हर हाल में चलना सीखो

गलत कामों से रोकेगा !!

जिसको तुमसे सच्ची मोहब्बत होगी,
वो तुम्हें बुरे और गलत कामों से रोकेगा !!

कोई वजूद नहीं !

जिस मोहब्बत में इज्जत ना हो,
उस मोहब्बत का कोई वजूद नहीं !!

उसने कभी जी कर नहीं देखा.


तन्हाई का उसने मंज़र नहीं देखा,
अफ़सोस की मेरे दिल के अन्दर नहीं देखा,
दिल टूटने का दर्द वो क्या जाने,
वो लम्हा उसने कभी जी कर नहीं देखा.


अगर दिल से दोगे तो आएंगे ज़रूर

साथ अगर दोगे तो मुस्कुराएंगे ज़रूर,
प्यार अगर दिल से करोगे तो निभाएंगे ज़रूर,
कितने भी काँटे क्यों ना हों राहों में,
आवाज़ अगर दिल से दोगे तो आएंगे ज़रूर.

जिंदगी बरबाद मत करना !

ऐ सनम कभी प्यार मत करना,
हो जाये तो इंकार मत करना,
निभा सको तो निभा देना,
लेकिन किसी की जिंदगी बरबाद मत करना !

हाथ में पत्थर नजर आता है

एक अजीब सा मंजर नजर आता है,
हर एक आँसू संमनद नजर आता है,
कहां रखुं मैं शीशे सा दिल अपना,
हर किसी के हाथ में पत्थर नजर आता है.

हर पन्ने पे तेरा ही नाम होगा

जहा से तेरा मन चाहे वहा से मेरी ज़िन्दगी को पढ़ ले तू,
पन्ना चाहे कोई भी हो, हर पन्ने पे तेरा ही नाम होगा.

कभी जुदा ना हो !!


आज बस यही दुआ है मेरी,
मोहब्बत करने वाले कभी जुदा ना हो !!

जो बेवफा है !!


ए दिल अब बस भी कर,
क्यों उस पर फ़िदा है जो बेवफा है !!

जिंदगी बहुत खुबसूरत है


जिंदगी बहुत खुबसूरत है,
और मैं भी !!

मुझे रिश्तें निभाने नहीं आते


मजबूरियों से लड़कर रिश्तों को समेटा है,

कौन कहता है मुझे रिश्तें निभाने नहीं आते !!

हमारी उसे मालूम नहीं

कीमत क्या है हमारी उसे मालूम नहीं,

उसकी ख्वाहिश है कि हम मुफ्त में हाँसिल हो जाये !!

जो यहाँ सिसकता है


ये क्या है, जो आँखों से रिसता है, 
कुछ है भीतर, जो यूँ ही दुखता है, 
कह सकता हूं, पर कहता भी नहीं, 
कुछ है घायल, जो यहाँ सिसकता है।

Total Hit

Online