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वो अक्सर मेरे चेहरे को


माँ के नाम शायरी 

वो अक्सर मेरे चेहरे को चूम लेती है 
जिनके मैं पैर छूने के भी काबिल नहीं

थक जाये तो दोनों हार जाते हैं


बहुत अजीब होता है कमबख्त इश्क का खेल
कोई एक भी थक जाये तो दोनों हार जाते हैं

शादी के बाद होती है !!

वो मोहब्बत भी कमाल होती है,
जो शादी के बाद होती है !!

आपको दबाकर रखे

प्यार वो नहीं होता जो आपको दबाकर रखे,
प्यार तो वो है जो आपको खुलकर जीना सिखाये !!

अपनी यादों को कुछ


अपनी यादों को कुछ तहज़ीब सिखा दो तुम,
तन्हा देखते ही मुझे सताने चली आती है !!

देखो जहाँ से गिरा हूँ मैं

जहाँ मैं बिखरा हूँ उस पर है सबकी नजरें,

अरे ज़रा उस ऊँचाई को भी तो देखो जहाँ से गिरा हूँ मैं !!
रौनक अब्‍बास 

तकिये के लिहाफ में छुपाकर रखी


तकिये के लिहाफ में छुपाकर रखी हैं तेरी यादें, 

जब भी तेरी याद आती है मुँह छुपा लेता हूँ।
रौनक अब्‍बास 

मुझे करबटों में छोड़ कर

मुझे नींद की इजाज़त भी 
उनकी यादों से लेनी पड़ती है,
जो खुद आराम से सोये हैं 
मुझे करबटों में छोड़ कर।

हर रात रो-रो के उसे


हर रात रो-रो के उसे भुलाने लगे, 
आंसुओं में उस के प्यार को बहाने लगे, 
ये दिल भी कितना अजीब है कि, 
रोये हम तो वो और भी याद आने लगे 

नज़रेँ उठाना छोड़ देँगे.


अगर वो खुश है देखकर आँसू मेरी आँखोँ मे,
तो रब की कसम हम मुस्कुराना छोड़ देँगे,
तड़पते रहेँगे उसे देखने को,
लेकिन उसकी तरफ नज़रेँ उठाना छोड़ देँगे..

वरना भीगी पलकों से


मुस्कुरा के देखो तो सारा जहाँ रंगीन है....
वरना भीगी पलकों से तो आईना भी धुंधला दिखता है.
रौनक अब्बास

कुछ एहसास लिखते है


दिल के सच्चे कुछ एहसास लिखते है,
मामूली शब्दों में ही सही,कुछ खास लिखते हैं

मैैंं शिकवा करू भी


मैैंं शिकवा करू भी तो किस से करू ,
ये अपना ही मुुकद्दर है येे अपनी ही लकीरें है।

उल्फत का अक्सर



उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है!
जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है!
दिल टूटकर बिखरता है इस कदर!
जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है! 

तेरे प्यार ने हमें



तेरे प्यार ने हमें हसना सिखाया,

तेरे प्यार ने हमें बहुत रुलाया,
प्यार में पागल लोग दुनिया भूल जाते हैं,
तेरे प्यार में हमने अपने आप को भुलाया |

कोई भरोसा कर के रोया



कोई खुशियों की चाह में रोया
कोई दुखों की पनाह में रोया..
अजीब सिलसिला हैं ये ज़िंदगी का..
कोई भरोसे के लिए रोया..
कोई भरोसा कर के रोया..

आँसुओ से धोया हमने‬..

बेटा घर जल्दी आ जाना



तेरे बिना में ये दुनिया छोड तो दूं ,
पर उसका दिल कैसे दुखा दुं ,
जो रोज दरवाजे पर खडी केहती हे ;

बदलना मुझे भी आता है



#भुला के मुझको अगर तुम भी हो #सलामत,

तो भुला के तुझको #संभलना मुझे भी आता है,
नहीं है मेरी #फितरत में ये आदत वरना,
#तेरी तरह #बदलना मुझे भी आता है..


किसी से ‘कुछ’ सुना हो



मुझसे ‘नफरत’ तभी करना
जब आप मेरे बारे मे ‘सबकुछ’ जानते हो
तब नहीं जब किसी से ‘कुछ’ सुना हो ।

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