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जमाना याद रखेगा



कोई नहीं याद करता वफा करने वालो को यहाँ 
मेरी मानो बेवफा हो जाओं जमाना याद रखेगा

दूसरा कोई 👆 और नही. ❌

प्यार 💏 करना सिखा है….नफरतो 😡 का कोई ठौर नही, ❌
बस तु 👈 ही तु है इस दिल ❤ मे….. दूसरा कोई 👆और नही. ❌

ठोकर ना लगा मुझे पत्थर नही हूँ

ठोकर ना लगा मुझे पत्थर नही हूँ मैं,
हैरत से ना देख कोई मंज़र नही हूँ मैं,
उनकी नज़र में मेरी कदर कुछ भी नही,
मगर उनसे पूछो जिन्हें हासिल नही हूँ मैं.

भंवर कहाँ मालूम था..


प्यार किया था तो प्यार का अंजाम कहाँ मालूम था,
वफ़ा के बदले मिलेगी बेवफाई कहाँ मालूम था,
सोचा था तैर के पार कर लेंगे प्यार के दरिया को,
पर बीच दरिया मिल जायेगा भंवर कहाँ मालूम था..

जिन्हें सांसो की महक से इश्क


जिन्हें सांसो की महक से इश्क महसूस ना हो,
वो .......
गुलाब देने भर से हाल -ए -दिल क्या समझेगी।

मेरे ख़ामोश होंठों को हँसाने


मेरे ख़ामोश होंठों को हँसाने कौन आया है
मेरी वीरान दुनिया को सजाने कौन आया है
अभी तक जो मिला इक दर्द ही देकर गया मुझको
मेरे ज़ख़्मों पे अब मरहम लगाने कौन आया है!!

मेरे सारे हाथ जल गये

तेरी यादं का चंदन जब से मला हे तन पे
मेरी आस्तीन मे कितने साप पल गये
तुझे नज़र भर के देखना मेरा गुनहां था
इश्क की आँच से मेरे सारे हाथ जल गये


गलत सुना था कि


गलत सुना था कि
इश्क आँखों से होता है...
दिल तो वो भी ले जाते है
जो पलकें तक नही उठाते....

एक ख्वाब सजाने में....


आये हो आँखों में तो कुछ देर तो ठहर जाओ,
एक उम्र लग जाती है एक ख्वाब सजाने में...

खामोशी ही बेहतर है


चलती हुई "कहानियों" के जवाब तो बहुत हैं मेरे पास...
 लेकिन खत्म हुए "किस्सों" के लिए खामोशी ही बेहतर है.....

लोगों ने कहा की मैं शराबी



लोगों ने कहा की मैं शराबी हूँ,
मैने कहा उन्हो ने आँखों से पिलाइ है.
लोगों ने कहा की मैं आशिक़ हूँ,
मैने कहा आशिक़ी उन्हो ने सिखाई है.
लोगों ने कहा रौनक तू शायर दीवाना है,
मैने कहा उनकी मोहब्बत रंग लाई है.

पानी में ही कुछ गड़बड़ है



पानी में विस्की मिलाओ तो नशा चड़ता है,
पानी में रम मिलाओ तो नशा चड़ता है,
पानी में ब्रेंड़ी मिलाओ तो नशा चड़ता है,
साला पानी में ही कुछ गड़बड़ है…

जाने कभी गुलाब



जाने कभी गुलाब लगती हैै
जाने कभी शबाब लगती हैै
तेरी आखें ही हमें बहारों का ख्बाब लगती हैै
में पिए रहु या न पिए रहु,
लड़खड़ाकर ही चलता हु
क्योकि तेरी गली कि हवा ही मुझे शराब लगती हैै

बैठे हैं दिल में ये अरमां



बैठे हैं दिल में ये अरमां जगाये,
के वो आज नजरों से अपनी पिलाये |
मजा तो तब ही पीने का यारो,
इधर हम पियें और नशा उनको आये ||

तेरा दिल उदास क्यों है



तेरा दिल उदास क्यों है?
तेरी आँखों में प्यास क्यों है?
जो छोड़ गया तुझे मझदार में ,
उससे मिलने की आस क्यों है ?
जो दे गया दर्द ज़िन्दगी भर का,
वही तेरे लिए ख़ास क्यों है ??

आप को इस दिल में उतार



आप को इस दिल में उतार लेने को जी चाहता है,
खूबसूरत से फूलो में डूब जाने को जी चाहता है,
आपका साथ पाकर हम भूल गए सब मैखाने,
क्योकि उन मैखानो में भी आपका ही चेहरा नज़र आता है….

मे तोड़ लेता अगर



मे तोड़ लेता अगर तू गुलाब होती
मे जवाब बनता अगर तू सबाल होती
सब जानते है मैं नशा नही करता,
मगर में भी पी लेता अगर तू शराब होती!

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